अबे ये कुछ गाना है क्या? अबे यार भाई क्या गाना है यार? क्या बोला है भाई ने यार? बिलकुल दिल को छू गया। सूट यार भाई धर्मों का नाम लेके आग लगाई। अच्छे खासे लोगों को जालिम बना दिया। झूठ बोलने वालों के हाथ लगी सरकार। सच बोलने वालों को मुजरिम बना दिया। राजनेता लाशों पे है रोटी सेकते। सांपों की तरह ये मुंह से जहर फेंकते। आम आदमी चाहे मरता रहे। ये कुर्सी के भूखे हैं ये सत्ता देखते। सब बहरे हमारी यहां कौन सुनेगा? सारे झूठ के दीवाने सच कौन चुनेगा। तूने झूठ के खिलाफ जो आवाज उठाई। अगले ही दिन कोर्ट वाली डेट मिलेगी। यहां कंट्रोवर्सी क्रिएट मिलेगी। तेरा नाम लेके गालियां ग्रेट मिलेगी। सच बोलने से तेरे बैरी बढ़ेंगे। तेरी बाकी तरक्की तेरी हेट बनेगी। यहां कंट्रोवर्सी क्रिएट मिलेगी। तेरा नाम लेके गालियां ग्रेट मिलेगी। सच बोलने से तेरे वैरी बढ़ेंगे। तेरी बढ़ती तरक्की तेरी हेट बनेगी। छोटी-छोटी बच्चियों के रेप हो जाते। चार कैंडल जला के फिर लोग सो जाते। रावण के पुतले जलाते थन से। पर ऐसे पापियों को क्यों ना जिंदा जला दे जो बहनों को छेड़े उसे मार मिटा दो चाहे नेता का हो बेटा गोली मार मिटा दो कैंडलों से जस्टिस नहीं मिलता छोड़ कैंडलों को हाथ तलवार उठा लो जो ऐसे पापियों को भी ना फांसी मिलती तो काहे का कानून और कैसा संविधान जो सच बोलने से कुछ हो जाए मुझे ना जस्टिस के बोर्ड लेके छोड़ना निशान जस्टिस नहीं रिवेंज लेना है भ्रष्ट लीडरों को जड़ से उखाड़ देना पुलिस दरिंदों को बचाए हुए है कर दे दे छूट हिस्ट्री क्रिएट मिलेगी यहां कंट्रोवर्सी क्रिएट मिलेगी तेरा नाम लेके गालियां ग्रेट मिलेगी सच बोलने से तेरे बैरी बढ़ेंगे तेरी बढ़ती तरक्की तेरी हेट बनेगी अरा बली आधी इंडिया की ढाल है जो रोकती थी मौत आज खुद बेहाल है मैंने सबको बचाया मुझे कौन बचाए कब मिलेगा इंसाफ पूछती सवाल है माफिया रोटी नहीं जमीन खाते खा के हरियाली नोटों को चबाते हैं। ये खादी वाले खाकी भी खरीद लेते हैं। जो उनके लिखे हुए बयान गाते हैं। जो कटी अरावली तो तूफान लाएगी। पार की वो रेत सीधे घर में आएगी। जो ना रोका इन्हें तो ये मिटा देंगे। विरासतों को जीने के लिए हवा खरीदी जाएगी। तुम कहते विकास मैं विनाश बोलता। मैं दबे हुए लोगों की आवाज बोलता। अब बिना देर हुई रोक लो इन्हें। ना तो कफ़नों की सिली हुई सेट मिलेगी। यहां कंट्रोवर्सी क्रिएट मिलेगी। तेरा नाम लेके गालियां ग्रेट मिलेगी। सच बोलने से तेरे बैरी बढ़ेंगे। तेरी बाटी तरक्की तेरी हेट बनेगी। हो मार के जिंदा जलाया बेकसूर को। छीन लिया मौके इकलौते नूर को। हो दीपपू चंद्र दास का क्या ही कसूर था। क्या सच बोलना भी मानते बेकसूर हो जो ऐसे ही चलेगा यहां हिंदू मुसलमान। तो एक दिन चल के आएंगे भगवान लोग उनसे भी उनका धर्म पूछेंगे तुम कौन से धर्म के हो अल्लाह हो या राम जो चार पैसे लेके मैं ये बेच दूं कलम ये झूठी कलाकारी है जुनून में नहीं सारे चुप कलाकार तो क्या मैं भी चुप रहूं मुझसे ना होगी दलाली मेरे खून में नहीं जो आज साथ तेरे कल हो जाएंगे दूर तेरा सच बोलना लोगों को लगता ना सुर ओमवीर तेरे लिए अनफॉलो है बटन तेरे सच बोलने से रिंग रेट मिलेगी यहां कंट्रोवर्सी क्रिएट मिलेगी। तेरा नाम लेके गालियां ग्रेट मिलेगी। सच बोलने से तेरे वैरी बढ़ेंगे। तेरी बढ़ती तरक्की तेरी हेट बनेगी। जो ना कभी गीता और कुरान पढ़ते। वही हिंदू मुस्लिम रहते करते। अपने ही कर्मों से गिरे हुए हैं रोज मंदिरों में मस्जिदों में दुआ करते। और तालियां बके लोग अच्छी बातों पे। हंसते हैं तू सब की जातों बातों पे। कोई बड़ा कोई छोटा है ना सुन लो रब के बनाए इंसान सारे हैं मीडिया भी करती दलाली हंस के सच को दिखाती न्यूज़ जाली ही कस के जो भी मुद्दा टीवी पे दिखाना चाहिए डीआरपी के लिए उससे दूरी रखते हो कहां रेप होते कहां लोग है लाचार पूछता ना कोई उनसे उनका विचार नशे में फंसी है सारी यूथ देश की बातें कोई भी ना उनसे रिलेट मिलेगी यहां कंट्रोवर्सी क्रिएट मिलेगी तेरा नाम लेके गालियां ग्रेट मिलेगी। सच बोलने से तेरे बेरी बढ़ेंगे। तेरी बाकी तेरी हेट बनेगी।
