एक ऐसे देवता भी हैं जिनकी एक सुबह शुरू होती है, तो इंसानों के 4 अरब साल बीत जाते हैं… और वो हैं ब्रह्मदेव। जब इस ब्रह्मांड में कुछ भी नहीं था, केवल अंधकार और चारों ओर जल ही जल था, तब भगवान विष्णु क्षीर सागर में योगनिद्रा में थे। तभी उनके नाभि से एक दिव्य कमल प्रकट हुआ, और उस कमल से ब्रह्मदेव का जन्म हुआ। भगवान विष्णु ने ब्रह्मदेव को सृष्टि की रचना का कार्य सौंपा। तभी से ब्रह्मदेव समय के प्रारंभ से ही इस ब्रह्मांड के निर्माता बन गए। शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्मदेव का एक दिन 4.32 अरब मानव वर्षों के बराबर होता है, और उनकी आयु 100 ब्रह्म वर्ष है। यही कारण है कि उनकी आयु सभी देवताओं से सबसे अधिक मानी जाती है। कहा जाता है, जब ब्रह्मदेव का जीवन समाप्त होगा, तब यह पूरी सृष्टि भी समाप्त हो जाएगी… और फिर एक नई सृष्टि का जन्म होगा। अगर आप भी सृष्टि के रचयिता ब्रह्मदेव का सम्मान करते हैं, तो कमेंट में जरूर लिखें — जय ब्रह्मदेव
