यूँ तो हर पल एक बदलाव है, कभी सहज तो कभी जबरन, कभी ख़ुशनुमा तो कभी ग़मगीन (grieved), मगर फ़ितरत इंसान की, कुछ ऐसी होती है,
ur
Общественность
7 месяцев назад
Образцы
Пока нет образцов аудиозаписей.

यूँ तो हर पल एक बदलाव है, कभी सहज तो कभी जबरन, कभी ख़ुशनुमा तो कभी ग़मगीन (grieved), मगर फ़ितरत इंसान की, कुछ ऐसी होती है,