“1959 में रूस के यूराल पहाड़ों में नौ अनुभवी हाइकर्स एक सफर पर निकले… लेकिन उन्हें क्या पता था कि ये उनकी आखिरी यात्रा बन जाएगी। कई दिनों बाद जब उनकी तलाश शुरू हुई, तो उनका टेंट बर्फीले पहाड़ पर मिला। हैरानी की बात ये थी कि टेंट के अंदर उनका सामान मौजूद था, लेकिन सभी लोग वहां से जा चुके थे। उनके पैरों के निशान पहाड़ से नीचे की तरफ जाते मिले। सवाल था—आखिर इतनी ठंडी रात में उन्होंने अपना टेंट क्यों छोड़ा? इस घटना की जांच कई सालों तक रहस्य बनी रही। बाद में रूसी जांचकर्ताओं ने प्राकृतिक परिस्थितियों और संभावित हिमस्खलन को एक संभावित कारण माना। लेकिन आज भी Dyatlov Pass की कहानी रहस्यों और सवालों से घिरी हुई है… आखिर उस रात वास्तव में क्या हुआ था?”