सूरज से सीधी बात करने का, हर मौसम संग लगी लगन का, बिछड़ना क्या कम है…? या धरती पर आकर किन नए-नए अफ़सानों से जुड़ना पड़ता होगा, कोई खुश है उसके आने का, कोई ग़म में होगा डूबा हुआ…