1928 — लाला लाजपत राय की हत्या ने उसे झकझोर दिया। "अगर सरकार बहरी है, तो धमाका ज़रूरी है।" 17 दिसंबर — भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने ब्रिटिश अधिकारी सांडर्स को गोली मार दी — यह बदला नहीं, न्याय था।
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