[संगीत] [संगीत] और भी है [संगीत] दुख यहां जमाने भर में या दिल जलाना काम है इन आशिकों [संगीत] का जब मरने की तमन्ना मेरी जीत जी थी तो हम क्यों बांधे [संगीत] ताव हिफाजतों का मैं मशरिक हूं शायर अब मगरबों में लिख रहा बैठ के बैठ [संगीत] के तू आने को है शायद मैं बैठा [संगीत] हूं घर समेट के समेट के तू उड़ती [संगीत] हुई पतंग कोई मैं देखूं तुझको छत पे लेट के हम साहिलों [संगीत] पर लिखते थे दिल बना के नाम रत पे [संगीत] हमें तो गुस्सा साहिलों पे है हमें तो तुमसे [संगीत] कुछ गिला नहीं हमें तो चाहिए तुम्हारा वक्त [संगीत] हमें ना दो मशवरा भी तो चल वहीं तो चल वहीं जहां मिलते [संगीत] अंधेरे उजाले तू चल फिर वही मुझे खामोशी [संगीत] अब सताती है जो बात पी गया था अब वो बात खाती है हां [संगीत] मैं नहर किनारे बैठा रहा हूं शाम तक तू ना आया ना ही भेजा कोई सलाम [संगीत] तक कहीं उड़ गई है रौनक हमारी शख्सियत में [संगीत] एक गजब सी है खुमारी कहते क्यों नहीं हो आके यहां हक में [संगीत] मेरे कट गई है क्या ज़बा यहां तुम्हारी [संगीत] तो उड़ती हुई पतंग कोई मैं देखूं तुझको छत पे लेट के छत पे लेट के हम साहिलों पर लिखते थे या दिल बना के नाम [संगीत] रेत पे हमें तो गुस्सा [संगीत] साहिलों पे है हमें तो तुमसे कुछ गिला [संगीत] नहीं। हमें तो चाहिए तुम्हारा वक्त। हमें ना [संगीत] दे तू मशवरा भी तो चल वहीं चल वहीं [संगीत] तू चल वहीं जहां मिलते [संगीत] अंधेरे उजाले तू चल फिर वहीं चल [संगीत] फिर वही हम्म।
