जिंदगी ने — जिंदगी भर ग़म दिए, दिल के जख़्म — पे भी जख़्म दिए, तन्हा सफ़र — पर चला अकेला, पर गिरा नहीं, हौसले खड़े पीछे। लोग हँसे बोले — "ये नाकाम रहेगा," दिल टूटा मगर — जुनून और जलेगा, जो तन्हा चला — वही मंज़िल पाएगा, आज चुप सही — कल तेरा शोर बजेगा! जिंदगी ने — जिंदगी भर ग़म दिए, हर कदम पे — तन्हाई के ज़ख़्म दिए, अंधेरे में भी — मैंने रोशनी खोजी, गिरते हुए भी — हिम्मत को ही ओढ़ी। लोग हँसे, कहा — "कुछ कर न पाएगा," पर मेरा जुनून — खामोशी से बढ़ जाएगा, आज तन्हा हूँ — कल crowd चिल्लाएगा, मेरे नाम का शोर — हर गली में गूंज जाएगा।
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