Lord Krishna

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@ASTITVA GUPTA
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पार्थ... क्या हुआ? आज तुम्हारी आँखों में वो शांति नहीं है जो ज्ञान के रास्ते पर चलने वाले की होती है। इतना स्क्रोल क्यों कर रहे हो... जैसे कुछ ढूंढ रहे हो पर मिल कुछ नहीं रहा? पार्थ... कभी पुरानी चीज़ों को देखा है? वो ओल्ड ट्रेनें... डस्टी लाइब्रेरीज़... वो येलो लाइट वाली टेबल्स जिन पर मन स्थिर हो जाता था? वो दुनिया धीमी थी, पर गहरी थी। अब सब तेज़ है — इंटरनेट, लाइफ, थॉट्स... पर गहराई खो गई है। देखो... जैसे जब फोन लैग करता है ना, हम टच करते रहते हैं पर रिस्पॉन्स नहीं मिलता। वही हाल तुम्हारे जीवन का है। स्क्रोल करते जा रहे हो, कंपेयर करते जा रहे हो, और अंदर से सिस्टम हैंग हो चुका है। और जैसे फोन को ठीक करने के लिए रिस्टार्ट करते हैं, वैसे ही जीवन को भी रिस्टार्ट करना पड़ता है। पर उससे पहले एक सवाल... क्या तुम वही इंसान हो जो पिछले साल थे? Same habits, same doubts, same distractions ? सुनो पार्थ — “उद्धरेदात्मनात्मानं नात्मानमवसादयेत् । आत्मैव ह्यात्मनो बन्धुरात्मैव रिपुरात्मनः ॥” अपने आप को ऊपर उठाओ। खुद को नीचे मत गिराओ। तुम्हारे भीतर जो शत्रु है — वह तुम स्वयं हो। तुम्हारी समस्या टैलेंट की नहीं है, पार्थ, समस्या है — मोशन और प्रोग्रेस के बीच का फर्क। तुम बहुत चलते हो, पर कहीं पहुँचते नहीं। प्लान बनाते हो, नोट्स लिखते हो, मोटिवेशन वीडियो देखते हो… पर एक्शन? जीरो। यही मोशन है — जहाँ लगता है कि मेहनत हो रही है, पर असल में तुम कॉम्फर्ट को इफ़र्ट के कपड़ों में छिपा रहे हो। अब चलो, सुनो — 60 दिनों में रीसेट कैसे करना है। Step 1: Mind Reset – Depth Over Dopamine तुम्हारा दिमाग सक्सेस नहीं चाहता पार्थ, वो सिर्फ डोपामिन चाहता है। हर बार जब बोर होते हो, तुम फोन उठाते हो। हर नई रील के बाद तुम्हारा माइंड थोड़ा और खाली हो जाता है। तुम्हें नया कंटेंट नहीं चाहिए, सच्चा कंटेंट चाहिए। सोचो दो लोग हैं — एक बस ऊपर-ऊपर से स्किल जानता है, दूसरा उसी स्किल में गहराई तक उतर चुका है। दुनिया किसे चुनेगी? वही जो डीप जाता है। जीवन भी उसी को चुनता है जो भीतर उतरता है। Step 2: War Mode – 60 Days Identity Shift पार्थ, विराट कोहली को याद करो। उसने भी अपनी पुरानी पहचान तोड़ दी थी। टैलेंट था, पर उसने डिसिप्लिन को भगवान बना लिया। खाना, रूटीन, लाइफस्टाइल — सब बदल दिया। और फिर वो रन मशीन बन गया। तुम्हें भी वही करना है। अपने अंदर के डिसिप्लिन मॉन्स्टर को एक्टिवेट करो। नाम कुछ भी रख लो — Exam Warrior, Focus Machine, या The 60-Day Beast. हर दिन एक बैटल होगी तुम्हारे पुराने वर्ज़न से, और जीत उसी की होगी जो एक्सक्यूज़ नहीं, एक्शन करेगा। Step 3: The 60-Day Game Plan अब सुनो — प्रैक्टिकल गेम प्लान। दो मेजर गोल्स चुनो — Health, Study या Skill. बस वही जो ज़िंदगी पलट दे। हर दिन के लिए Non-Negotiables बनाओ — 2 घंटे फोकस्ड स्टडी — नो फोन। 30 मिनट वर्कआउट। 10 मिनट जर्नलिंग या साइलेंस वॉक। एनालॉग मोड ऑन करो — पेन और पेपर से लिखो। जब इंसान लिखता है, दिमाग हल्का होता है, और वहीं से क्लैरिटी जन्म लेती है। कभी-कभी फोन घर छोड़ दो, 30 मिनट नेचर वॉक पर जाओ। तुम देखोगे — वो सारे आइडियाज़ जो फंसे थे, अब बहने लगेंगे। Step 4: Power of 1% सही कहा पार्थ। पहले 10 दिन कठिन होंगे। मन भागेगा, दिमाग झूठ बोलेगा — “कल से करेंगे।” पर वही तो तपस्या है। पहले 10 दिन सर्वाइव कर लो, फिर रिदम खुद बन जाएगी। “योगस्थः कुरु कर्माणि” कर्म करते रहो, परिणाम की चिंता मत करो। क्योंकि कंसिस्टेंसी मोटिवेशन से ज्यादा पावरफुल होती है। मोटिवेशन जलता है, बुझ जाता है। पर कंसिस्टेंसी धीरे-धीरे पत्थर भी काट देती है। सोचो पार्थ — 1 जनवरी 2026 को लोग लिख रहे होंगे, “New Year, New Me.” और तुम...? तुम तो पहले ही नए बन चुके होगे। उनका Day 1, तुम्हारा Day 61 होगा। “यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत...” जब भी जीवन में क्लैरिटी, डिसिप्लिन और धर्म की कमी होती है, तब नए जन्म की ज़रूरत होती है। अब निर्णय तुम्हारे हाथ में है। ये 60 दिन — एक और वेस्टेड ईयर बनेंगे, या तुम्हारा टर्निंग पॉइंट। रिस्टार्ट करो, रिबर्थ लो, अपनी कहानी खुद लिखो। और याद रखो पार्थ — ज़िंदगी तभी बदलती है, जब तुम खुद पर विश्वास करते हो। अगर दिल के किसी कोने में अभी भी Self-Doubt बैठा है ना — तो अगले वीडियो में ज़रूर आना। वहाँ मैं बताऊँगा — कैसे तोड़ना है उस Doubt का जाल, और जगाना है वो आत्मविश्वास जो तुम्हारे भीतर सोया हुआ है।

hi
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