रात गहरी थी, पर गाँव के छोटे दीपक ने पूरे अंधेरे को चुनौती दी। बच्चे हँसकर बोले, “इतनी छोटी लौ क्या बदल पाएगी?” दीपक मुस्कुराया—“अंधेरा कितना भी बड़ा हो, उसे मिटाने को एक किरण ही काफी है।” सबक साफ था—उम्मीद कभी छोटी नहीं होती।
hi
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vor 5 Monaten
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