Akash

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@Akash Jadhav
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क्या आप जानते हैं कि एक घास काटने वाले खानाबदोश लड़के ने वो काम किया, जो बड़े-बड़े सम्राट नहीं कर सके?वो बना इतिहास का सबसे सफल सेनापति…जिसका नाम सुनते ही आधी दुनिया कांप उठती थी।और उसकी मौत? आज तक रहस्य बनी हुई है।नमस्कार दोस्तों!आप सब का स्वागत है हिस्ट्री सब के एक नयी व्हिडिओ के बारे मे और हम बात करेंगे चंगेज़ ख़ान की — उसकी ज़िंदगी, उसके फतहों और उसके आखिरी सफ़र की अनकही कहानी।वीडियो को लाइक करें, और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।1162 में मंगोलिया के बर्फीले मैदानों में जन्मा एक लड़का — तेमूजिन।उसके पिता एक छोटे कबीले के सरदार थे, लेकिन जब तेमूजिन सिर्फ 9 साल का था, तो उसके पिता को ज़हर दे दिया गया।इसके बाद उनका कबीला टूट गया, परिवार को त्याग दिया गया।तेमूजिन, उसकी मां और भाई-बहनों ने ठंडी रातों में भूखे रहकर, कंद-मूल खाकर गुज़ारा किया।उन्हीं दिनों से तेमूजिन ने सीखा —अगर जीना है, तो झुकना नहीं है।aur jab sab acchachalne laga to Kuch dino baad Temujin ne Borte naamak ek ladki se shaadi ki, jo unki sabse badi sahayak ban gayi. Unhein 4 bete hue - Jochi, Chagatai, Ögedei, aur Güyük. तेमूजिन ने न सिर्फ अपनी ताकत बढ़ाई, बल्कि लोगों का भरोसा भी जीता।उसने दोस्ती को सबसे बड़ा हथियार बनाया — जैसे जामुका, जो बाद में उसका दुश्मन बन गया।धीरे-धीरे तेमूजिन ने मंगोल कबीलों को एकजुट करना शुरू किया। 1210 तक वह एक ताकतवर नेता बन चुका था। और फिर आया 1206 —मंगोलों की महासभा "कुरिलताई" में उसे दिया गया नया नाम —"चंगेज़ ख़ान" — सभी महासागरों का सम्राट। इसके बाद शुरू हुआ विजय का ऐसा दौर, जिसे दुनिया आज भी याद करती है। मध्य एशिया और ख्वारिज़म साम्राज्य me जब एक व्यापारी दल को मार दिया गया, तो चंगेज़ ख़ान ने पूरा साम्राज्य खाक में मिला दिया। आज का ईरान, तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान सब तहस-नहस हो गया। रूस me वोल्गा नदी के पार भी उसकी सेनाएं कहर बनकर टूटीं। उसकी सेना तेज़, अनुशासित और बेरहम थी —उसने साइकोलॉजिकल वॉरफेयर का इस्तेमाल किया, डर को हथियार बनाया। लेकिन चंगेज़ सिर्फ एक क्रूर योद्धा नहीं था।वो एक शानदार प्रशासक भी था। उसने "यासा" नामक कानून बनाया, जो मंगोल समाज के लिए एक प्रकार का संविधान था। Gengis khan ne इस्लाम, बौद्ध, ईसाई — हर धर्म को आज़ादी दी। Fir ‘याम’ नाम की डाक सेवा शुरू की, जो घोड़ों की मदद से संदेश पहुँचाती थी 1227 me चंगेज़ ख़ान एक और युद्ध में था, इस बार चीन के शिया राज्य के खिलाफ। और तभी अचानक उसकी मौत की खबर सामने आई। लेकिन मौत कैसे हुई? संभावनाएं क्या थीं? कुछ इतिहासकार मानते हैं कि वो युद्ध में घायल हुआ। कुछ कहते हैं कि एक चीनी राजकुमारी ने उसे धोखे से मार दिया। और कुछ मानते हैं कि घोड़े से गिरने पर उसकी मौत हुई। पर असली रहस्य तब शुरू होता है जब... उसके सैनिकों ने उसके जनाज़े को इतनी गोपनीयता से दफ़नाया कि रास्ते में आए हर शख्स को मार दिया गया। यहाँ तक कि नदी का रास्ता मोड़कर उस पर उसकी कब्र बनाई गई — ताकि कभी कोई ना ढूंढ सके। आज तक, उसकी असली कब्र कहां है — कोई नहीं जानता। ख़ान की मौत के बाद भी, उसका साम्राज्य फैला रहा। उसके बेटों और पोतों ने रूस से लेकर भारत तक विजय प्राप्त की। और उसके शासन की सोच ने दुनिया को बदला — संचार, कानून, व्यापार और यहां तक कि डीएनए तक क्योंकि आज भी अनुमान है कि 1 करोड़ से ज़्यादा लोग उसके वंशज हो सकते हैं। ये थी कहानी — एक खानाबदोश लड़के से दुनिया के सबसे ताकतवर सम्राट बनने तक की। और उस रहस्यमयी मौत की, जो इतिहास के पन्नों में आज भी एक पहेली है। अगर आपको वीडियो पसंद आया हो, तो लाइक करें कमेंट करें कि अगली कहानी किसकी सुननी है सब्सक्राइब करें ताकि अगली बार इतिहास फिर ज़िंदा हो उठे! धन्यवाद! मिलते हैं अगले वीडियो में।

hi
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