यहाँ श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को महाभारत के युद्ध के मैदान (कुरुक्षेत्र) में कही गई पाँच महत्वपूर्ण बातें दी गई हैं, जो हमारे जीवन की परेशानियों को दूर करने में मदद कर सकती हैं। ये शिक्षाएँ भगवद गीता से ली गई हैं: --- 🌸 1. कर्म करते जाओ, फल की चिंता मत करो (कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन) 👉 "तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, फल में नहीं।" 🔸 इससे सिख मिलती है कि हमें अपने कर्तव्य को ईमानदारी से निभाना चाहिए, परिणाम की चिंता हमें नहीं करनी चाहिए। इससे तनाव और चिंता कम होती है। --- 🌸 2. आत्मा अमर है, मृत्यु से मत डरो (न जायते म्रियते वा कदाचित्...) 👉 "आत्मा कभी जन्म नहीं लेती और न ही मरती है।" 🔸 श्री कृष्ण ने अर्जुन को समझाया कि शरीर नश्वर है, आत्मा अमर है। इससे हमें अपनों के जाने का दुख सहने की शक्ति मिलती है। --- 🌸 3. स्थिर बुद्धि रखो – सुख-दुख एक समान हैं (समदु:खसुखं धीरं) 👉 "जो व्यक्ति सुख और दुख में समान रहता है, वही ज्ञानी है।" 🔸 जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। अगर हम स्थिर और शांत मन रखें तो परेशानियाँ हमें हिला नहीं सकतीं। --- 🌸 4. मोह और अज्ञान को छोड़ो 👉 "मोह ही सभी दुखों की जड़ है।" 🔸 श्रीकृष्ण ने अर्जुन को समझाया कि अपनों के प्रति मोह युद्ध के कर्तव्य से विमुख कर रहा है। इसी तरह, हमारे जीवन की बहुत सी समस्याएँ मोह, लालच और भ्रम से आती हैं। --- 🌸 5. मैं तुम्हारे साथ हूँ – समर्पण करो (सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज) 👉 "सब कुछ छोड़कर मेरी शरण में आओ, मैं तुम्हें सभी पापों से मुक्त कर दूँगा।" 🔸 यह विश्वास हमें साहस देता है कि जब हम सच्चे मन से प्रभु को समर्पित होते हैं, तो वे हमारी रक्षा करते हैं और राह दिखाते हैं।