जादूगर बोला: “अगर तुमने ज़िद न छोड़ी तो मैं तुम्हें जादू से जला दूँगा!” यह सब देखकर उमर ऐयार का खून खौल उठा। तभी उसकी ज़ंबील से एक बौना बाहर आया। “आका! बिना सोचे अंदर मत जाइए। उस जादूगर की जान उसकी सफ़ेद जादुई हड्डी में है। जब तक वह हड्डी आपके पास न हो, आप उसे हरा नहीं सकते। और उसे ज़बरदस्ती नहीं लिया जा सकता, वह खुद दे तभी काम बनेगा।” इतने में जादूगर धमकी देकर चला गया कि सुबह तक फैसला चाहिए। जादूगर के जाते ही उमर ऐयार अंदर गया। “मैं उमर ऐयार हूँ, तुम्हारी मदद के लिए आया हूँ।” उसने शहज़ादी को अपनी ज़ंबील में सुरक्षित कर लिया। फिर ज़ंबील से रोग़न-ए-ऐयारी और एक आईना निकाला। आईना सामने रखकर उसने अपने चेहरे पर रोग़न लगाया और शहज़ादी नीलम का ध्यान किया। अगले ही पल वह शहज़ादी नीलम के रूप में बदल चुका था। उसके कपड़े भी लाल हो गए। उसने अपनी उंगली में जादुई अंगूठी पहन ली ताकि जादू उस पर असर न करे। फिर तीन बार जादूगर को आवाज़ दी। जादूगर तुरंत हाज़िर हो गया। “क्या हुआ शहज़ादी?” उमर ऐयार (शहज़ादी के रूप में) बोला: “मैंने बहुत सोच लिया है। मुझे अपनी जान प्यारी है। मैं तुमसे शादी के लिए तैयार हूँ… मगर पहले तुम्हें आज़माना चाहती हूँ।” “कहो, क्या चाहती हो?” “तुम्हारी वह सफ़ेद जादुई हड्डी मुझे दे दो।” जादूगर कुछ पल को चौंका, मगर वादा याद कर के हड्डी उसे दे दी। जैसे ही हड्डी उमर ऐयार के हाथ में आई, उसने पूरी ताकत से वह हड्डी जादूगर के सिर पर मार दी। जादूगर ज़मीन पर गिर पड़ा, तड़पने लगा और अगले ही पल आग में जलकर समाप्त हो गया। उमर ऐयार ने शहज़ादी नीलम को ज़ंबील से बाहर निकाला और सारी बात बता दी। शहज़ादी बहुत खुश हुई। “तुम्हारा बहुत धन्यवाद उमर ऐयार! अगर तुम मुझे मेरे देश पहुँचा दो तो मैं तुम्हें बहुत सारा इनाम दिलवाऊँगी।” दौलत का नाम सुनते ही उमर ऐयार की आँखों में चमक उठी। फिर उमर ऐयार ने शहज़ादी नीलम को अपनी जादुई कालीन पर बैठाया और उसे आसमान की ओर उड़ाकर उसके देश पहुँचाने के लिए रवाना हो गया। ✨
