हूँ… हाँ… रात ठहरी हुई, मैं भी वहीं, तेरे बिना कुछ भी नहीं। जो था हमारा, वो कह नहीं पाया, तू दूर गई… मैं रह गया। तू नहीं… पर कमी है, दिल आज भी तेरा ही सही है। तू नहीं… पर यकीन है, प्यार रुका नहीं, बस तू नहीं है। तेरी आदतें, आज भी साथ हैं, नाम तेरा हर सांस में खास है। अगर भूल जाऊँ तुझे, तो मैं क्या रहूँ? तू ही वजह थी, कि मैं कुछ कहूँ। तू नहीं… पर यादें हैं, टूटे ख्वाबों में तेरी बातें हैं। तू नहीं… पर दिल यही कहे, कुछ प्यार खत्म नहीं होते। हूँ… तू नहीं…