भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं— मनुष्य का सबसे बड़ा मित्र भी उसका मन है, और सबसे बड़ा शत्रु भी उसका मन। अगर मन को इच्छाओं, क्रोध और भय के पीछे चलने दिया, तो जीवन अशांत हो जाएगा। लेकिन जिसने अपने मन को नियंत्रित कर लिया, वह कठिन से कठिन परिस्थिति में भी शांत रह सकता है। इसलिए दुनिया को जीतने से पहले अपने मन को जीतना सीखो। क्योंकि जिसने अपने मन पर विजय पा ली, उससे बड़ा विजेता कोई नहीं।