संगीत] हो [संगीत] [संगीत] कभी कभी जो बातों में सुबह शाम रहा करते थे। [संगीत] आज खामोशी में भी हम अजनबी से लगते हैं। तेरी एक नजर पे दिल [संगीत] ठहर जाया करता था। अब नजरें चुराकर तू आगे [संगीत] बढ़ते रहे। वक्त ने क्या खेल खेला हम समझ ना पाए [संगीत] जो अपने थे सबसे ज्यादा वही दूर हो जाए मैं आज भी वहीं [संगीत] खड़ा हूं उसी मोड़ पे जहां [संगीत] तूने कहा था मैं सिर्फ तेरा हूं सिलसिले अब मुलाकात [संगीत] बातों के अब कहां है हम दोनों एक दूसरे के अब कहां [संगीत] है था कोई दौर जब तू सिर्फ मेरा हुआ करता [संगीत] था अब तुझ पर मेरा हक कहां है सिलसिले अब मुलाकातों के अब [संगीत] कहां है हम दोनों एक दूसरे के अब कहां है था कोई दौर [संगीत] जब तू सिर्फ मेरा हुआ करता था अब तुझ पर मेरा [संगीत] तेरा हक कहां है? नाम तेरा [संगीत] भी दिल की दीवारों पे लिखा है। पर [संगीत] उस नाम का मतलब अब अधूरा सा [संगीत] लगता है। तू किसी और की हंसी में खुश दिखता है। [संगीत] और मैं तेरी यादों में ही आज भी बसा हूं। [संगीत] ना शिकवा है तुझसे ना [संगीत] कोई इल्जाम बस टूट गया है दिल यही [संगीत] है अनजा मैंने तुझसे ज्यादा कुछ [संगीत] मांगा नहीं फिर भी किस्मत ने दे दिया ये अंजाम [संगीत] सिलसिले अब मुलाकातों के अब कहां है हम दोनों एक [संगीत] दूसरे के अब कहां है था कोई दौर जब तू सिर्फ मेरा हुआ [संगीत] करता था अब तुझ पर मेरा हक कहां है सिलसिले अब मुलाकातों [संगीत] के अब कहां है हम दोनों एक दूसरे के अब कहां है था कोई दौर [संगीत] जब तू सिर्फ मेरा हुआ करता था अब तुझ पर मेरा हक [संगीत] कहां है? [संगीत] अगर मिल [संगीत] जाए फिर से वो पुराना लम्हा तो पूछूंगा [संगीत] इतनी गलती थी क्या मेरी या प्यार [संगीत] ही कम पड़ गया था मेरे हिस्से [संगीत] जो तूने चुन ली कोई और जिंदगी सिलसिले अब मुलाकातों [संगीत] के अब कहां है हम दोनों एक दूसरे के अब कहां है था कोई दौर जब तू [संगीत] सिर्फ मेरा हुआ करता था अब तुझ पर मेरा हक [संगीत] कहां है मैं आज भी तुझे अपना ही कहता [संगीत] हूं भले तू अब किसी और का [संगीत] जहां है। प्यार तो आज भी उतना ही सच्चा है। [संगीत] बस तुझ पर मेरा हक अब कहां है? [संगीत] [संगीत]
