दोस्तों, आज जो कहानी मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ… वो ऑल ऑफ अस आर डेड जैसी सीरीज़ को भी पीछे छोड़ देगी। क्योंकि यहाँ जॉम्बी वायरस कोई साधारण बीमारी नहीं है, बल्कि इंसानों को नई प्रजाति बनाने की चाबी है। जो इसमें असफल होते हैं, वे बन जाते हैं खून के प्यासे राक्षस। लेकिन जो सफल होते हैं… वो इंसानी शक्ल के साथ भगवान जैसी ताक़तें हासिल कर लेते हैं। कहानी शुरू होती है राहुल से — एक निकम्मा लड़का, जिसकी ज़िंदगी बस गेम खेलने और इंस्टेंट नूडल्स खाने तक ही सीमित है। उसकी पड़ोसन? एक प्यारी सी कैट-लेडी, जिसे बिल्लियाँ पालने का बेहद शौक है। लेकिन उस सुबह, राहुल की ज़िंदगी पलटने वाली थी। दरवाज़ा खुला… और उसके पैकेट के नूडल्स ज़मीन पर बिखरे पड़े थे। वो धीरे-धीरे आगे बढ़ा… देखा पड़ोसन का दरवाज़ा खुला हुआ है। और अचानक – दरवाज़े से एक बिल्ली का सिर लुढ़क कर बाहर आया! उसके पीछे-पीछे एक कटा हुआ हाथ भी गिरा। डर के मारे राहुल फिसल गया और नूडल्स पर गिर पड़ा। भागकर अपने कमरे में दुबक गया। लेकिन तभी – डोरबेल बज उठी। सीसीटीवी ऑन किया तो वही महिला दरवाज़े पर खड़ी थी। वो बार-बार कह रही थी – “दरवाज़ा खोलो।” राहुल ने शक से कहा: “पहले अपना हाथ उठाकर दिखाओ।” महिला की पोल खुल गई। वो अचानक पागल की तरह चिल्लाने लगी, नाक से खून बहने लगा – ये साफ था कि वो अब जॉम्बी में बदल रही है। वो दरवाज़े पर धड़ाधड़ टकराने लगी। राहुल का तो दिल बैठ गया। तभी ऊपर से कराहने की आवाज़ आई। महिला उस तरफ खिंच गई। राहुल ने हिम्मत जुटाई। एक मॉप की छड़ी उठाई और ऊपर जाने लगा। तभी एक गुंडा-टाइप आदमी नीचे आया। राहुल ने घबराकर पूछा – “भाई, तुमने ऊपर कोई अजीब औरत देखी?” लेकिन उससे पहले कि आदमी कुछ बोल पाता, राहुल बेहोश होकर गिर पड़ा। उधर ऊपर की मंज़िल पर रहने वाली लड़की को दरवाज़े पर दस्तक सुनाई दी। वो समझी कोई शोर-शराबा कर रहा है। बार-बार माफ़ी माँगने लगी। लेकिन जैसे ही कैमरा देखा… वो चौंक गई – “दीदी, आज हैलोवीन है क्या?” दरअसल, उसकी बड़ी बहन अब पूरी तरह जॉम्बी में बदल चुकी थी और दरवाज़े पर पागलों की तरह धड़ाके मार रही थी। दरवाज़ा टूटने ही वाला था… लड़की ने बैट उठाई और लड़ने को तैयार हो गई। लेकिन तभी… अचानक दरवाज़े के बाहर से पूरी खामोशी छा गई। और दोस्तों, यहीं से इस कहानी का असली रोमांच शुरू होता है। subscribe for part 2
