**“तो दोस्तों… आज हम हाज़िर हुए हैं एक ऐसे अज़ीम-ओ-शान अल्लाह के वली के उर्स-ए-मुबारक के मौके पर, जिनकी सादगी और परहेज़गारी का आलम ऐसा था कि कहा जाता है, उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी में सिर्फ़ सवा किलो अनाज खाकर गुज़ार दी! 😳** आख़िर कौन थे वो बुज़ुर्ग? उनकी ज़िंदगी इतनी अनोखी क्यों थी? और आज भी उनके आस्ताने पर कैसी रूहानी कैफ़ियत महसूस होती है? ये सब जानने के लिए दोस्तों… **व्लॉग को आख़िर तक ज़रूर देखना!** ❤️🩹✨”