गाँव में एक गरीब किसान रामलाल अपने परिवार के साथ रहता था। उसके पास थोड़ी-सी जमीन थी, जिससे वह बड़ी मुश्किल से अपने परिवार का पेट भर पाता। लेकिन रामलाल मेहनती और ईमानदार था। एक बार गाँव में भयंकर सूखा पड़ा। खेतों में फसल नहीं हुई, और लोग भूख से परेशान हो गए। कई किसानों ने गाँव छोड़ दिया, लेकिन रामलाल ने हिम्मत नहीं हारी। उसने अपनी ज़मीन पर कुआँ खोदने का निश्चय किया ताकि पानी की समस्या से निपटा जा सके। दिन-रात कड़ी मेहनत के बाद, आखिरकार कुएँ में पानी निकल आया। अब वह पूरे साल अपनी फसल उगा सकता था। उसकी फसल अच्छी होने लगी और कुछ ही वर्षों में वह संपन्न किसान बन गया। गाँव के बाकी लोग भी प्रेरित होकर मेहनत करने लगे। इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि कठिन परिश्रम और धैर्य से हम किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं।
hi
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vor einem Jahr
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