गर्मियों की दोपहर थी। बिल्ली मिमी रोज़ खेत में जाकर मछली पकड़ती थी ताकि अपने बच्चों को खिला सके। एक दिन एक चालाक कौआ आया और बोला, “मिमी, मछली बहुत स्वादिष्ट लग रही है!” बिल्ली ने ज़रा आँख घुमाई, और कौआ झट से एक मछली उठा कर उड़ गया। अगले दिन मिमी ने मछली के ऊपर मिर्ची का पाउडर डाल दिया। जब कौआ फिर आया, तो जैसे ही उसने मछली खाई — “काँव काँव!” चिल्लाता हुआ पानी ढूंढने भाग गया! बिल्ली ने मुस्कुराकर कहा — “मेहनत का फल मीठा, चोरी का तीखा!”
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vor 4 Monaten
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