LK bhai ff यह कहानी गेमिंग की दुनिया और दिल के जज्बातों की है, जो फ्री फायर के Map से शुरू होकर असल जिंदगी तक पहुँचती है। क्लॉक टावर की वो अधूरी फाइट रोहन और स्नेहा की मुलाकात फ्री फायर के एक रैंडम मैच में हुई थी। रोहन एक प्रो प्लेयर था, और स्नेहा अभी गेम सीख रही थी। पहली बार जब वे मिले, रोहन ने उसे 'Revive' किया था और अपना सारा 'Loot' उसे दे दिया था। गेमिंग पार्टनर से बेस्ट फ्रेंड तक धीरे-धीरे वे रोज़ साथ खेलने लगे। उनके लिए फ्री फायर सिर्फ एक गेम नहीं, बल्कि मिलने का ज़रिया बन गया था। वे 'Clock Tower' पर छिपकर बातें करते। जब भी स्नेहा 'Knock' होती, रोहन 'Gloo Wall' लगाकर उसे बचाने पहुँच जाता। उनका तालमेल ऐसा था कि बिना बोले ही समझ जाते थे कि किसे कब 'Cover' देना है। दिल का ज़ोन छोटा होने लगा जैसे गेम में 'Safe Zone' छोटा होता है, वैसे ही रोहन के दिल में स्नेहा के लिए जगह बड़ी होती गई। एक दिन गेम खेलते हुए रोहन ने मजाक में कहा, "स्नेहा, अगर मैं कभी गेम में तुम्हें बचा न पाऊं, तो क्या असल जिंदगी में मुझे बचाने आओगी?" स्नेहा हंसी और बोली, "मैं हमेशा तुम्हारे लिए 'Medic Kit' बनकर रहूंगी।" वो आखिरी 'Booyah' कॉलेज खत्म होने के बाद दोनों की व्यस्तता बढ़ गई। एक रात, उन्होंने अपना आखिरी गेम खेला। रोहन जानता था कि शायद अब वे रोज़ नहीं खेल पाएंगे। गेम के आखिर में, जब सिर्फ एक दुश्मन बचा था, रोहन ने फायर नहीं किया। उसने स्नेहा को वह आखिरी 'Kill' करने दिया ताकि वह 'Booyah' कर सके। मैच खत्म होने के बाद, 'World Chat' पर नहीं, बल्कि रोहन ने स्नेहा को कॉल किया और कहा, "गेम में तो हम जीत गए, पर क्या असल जिंदगी में तुम मेरी 'Duo Partner' बनोगी?" उस दिन के बाद, उनका गेम बदल गया। अब वे सिर्फ वर्चुअल मैप पर नहीं, बल्कि हकीकत में एक साथ थे। इस कहानी के लिए एक खास शायरी: "वो क्लॉक टावर की फाइट, और तेरा मुझे बचाना, फ्री फायर का वो बहाना, और दिल का तुझपे आना। लोग ढूंढते हैं जीत को मैप के अंदर, मैंने तो तेरे दिल में अपना 'Booyah' पा लिया।" क्या आपको यह कहानी पसंद आई? अगर आप चाहें तो मैं इस पर शॉर्ट वीडियो (Status) के लिए कुछ बेहतरीन लाइनें लिख सकता हूँ।
