संगीत] हवाओं में बहेंगे घटाओं में रहेंगे तू बरखा मेरी मैं तेरा बादल पिया जो तेरे ना हुए तो किसी के ना रहेंगे दीवानी तू मेरी मैं तेरा पागल किया हजारों में किसी को तकदीर ऐसी मिली है एक राजा और हीर जैसी ना जाने ये जमाना क्यों चाहे रे मिटाना कलंक नहीं इश्क है काजल दिया कलंक नहीं इश्क है काजल दिया पिया पिया पिया रे पिया रे पिया रे पिया रे पिया रे [संगीत] दुनिया की नजरों में ये रोग है हो जिनको वो जाने ये जोगी है एक तरफ शायद हो दिल का भरम दो तरफ है तो ये संजोग है नहीं रे हमें जिंदगानी की कहानी कैसे मोड़ पे हुए खुद से पराए हम किसी से नैना जोड़ के हजारों में किसी का तकदीर ऐसी मिली है एक राज ही जैसी ना जाने ये जमाना क्यों चाहे रे मिटाना कल कलंक
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il y a 9 jours
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