हाथ काट कर रख दूंगी यह नाम समझ आ जाए तो कितनी दिक्कत होगी पता है राम समझ आ जाए तो भाई राम राम तो कह लो डे पर राम सा दुख भी सना होगा पहली चुनौती यह होगी कि मर्यादा में रहना होगा और मर्यादा में रहना मतलब कुछ खास नहीं कर जाना है बस बस त्याग को गले लगाना है और अहंकार जलाना है अब अपने राम लला के खातिर इतना ना कर पाओगे और शबरी का झूठा खाओगे तो पुरुषोत्तम कहलाओगे काम क्रोध के भीतर रहकर तुमको शीतल बनना होगा बुद्ध भी जिसकी इच्छाओं में बैठे वैसा पीपल बनना होगा बनना होगा यह सब कुछ और वो भी शून्य में रहकर प्यारे तभी तुमको पता चलेगा कितने अद्भुत राम हमारे
hi
Público
há 10 meses
Amostras
Ainda não há amostras de áudio