शहर की सुनसान गलियों में हल्की हवा धीरे-धीरे बह रही थी, जैसे रात खुद साँस ले रही हो। दूर कहीं ट्रेन की आवाज़ गूंज रही थी, और सड़क पर भटका एक कुत्ता कुछ पल को रुककर सब सुनता रहा। ऐसी रातों में लगता है मानो भागदौड़ भरे शहर में भी शांति की छोटी-सी जगह हमेशा मौजूद रहती है।