Premanand Ji

Premanand Ji

@Kalyani Kumari
0Utilizações
0Ações
0Gostos
0Salvo por

14 जनवरी 2026 को षटतिला एकादशी (Shattila Ekadashi) मनाई जाएगी। यह माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी होती है। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व है क्योंकि यह भगवान विष्णु को समर्पित है और इसमें तिल का उपयोग सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। षटतिला एकादशी का महत्व "षट" का अर्थ है छह और "तिला" का अर्थ है तिल। इस दिन छह अलग-अलग तरीकों से तिल का उपयोग करने का विधान है, जिससे पापों का नाश होता है और वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। तिल के प्रयोग के 6 तरीके: * तिल के पानी से स्नान करना। * तिल का उबटन लगाना। * तिल से हवन करना। * तिल मिश्रित जल का तर्पण करना। * तिल का दान करना। * तिल से बने पकवानों का सेवन करना। शुभ मुहूर्त (वर्ष 2026) * एकादशी तिथि प्रारंभ: 13 जनवरी 2026 को रात 08:42 बजे से। * एकादशी तिथि समाप्त: 14 जनवरी 2026 को शाम 06:15 बजे तक। * पारण का समय (व्रत खोलने का समय): 15 जनवरी को सुबह 07:15 से 09:21 के बीच। > विशेष नोट: चूंकि उदयातिथि (सूर्योदय के समय तिथि) 14 जनवरी को मिल रही है, इसलिए व्रत इसी दिन रखा जाएगा। इसी दिन मकर संक्रांति का पर्व भी मनाया जा सकता है, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ गया है। > पूजा विधि * संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें। * पूजन: भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर को गंगाजल और तिल मिले जल से स्नान कराएं। * भोग: भगवान को पीले फूल, धूप, दीप और विशेष रूप से तिल से बनी मिठाइयों का भोग लगाएं। * मंत्र: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें। * कथा: षटतिला एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें। * दान: इस दिन तिल और अन्न का दान करना बहुत फलदायी माना जाता है। व्रत कथा (संक्षेप में) प्राचीन काल में एक ब्राह्मणी थी जो बहुत पूजा-पाठ करती थी, लेकिन उसने कभी दान नहीं किया था। उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु उसके पास भिक्षा मांगने आए, तो उसने उन्हें मिट्टी का एक पिंड दान कर दिया। मृत्यु के बाद उसे स्वर्ग में महल तो मिला, लेकिन वह खाली था क्योंकि उसने कभी अन्न दान नहीं किया था। तब भगवान की आज्ञा से उसने देवियों से षटतिला एकादशी के व्रत की विधि सीखी और इसका पालन किया। व्रत के प्रभाव से उसका महल धन-धान्य और तिल से भर गया। तभी से यह माना जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन तिल का दान करता है, उसे कभी दरिद्रता का सामना नहीं करना पड़ेगा।

urMasculinoAntigoSuaveProfissional
Público
Amostras
Ainda não há amostras de áudio