शादी में तो बुलाया नहीं तूने तो दुश्मन बुरा मान गया। ये जो पंजाबी शादियां है ना ये लड़ाई के बिना होती नहीं है। क्या मन मौजी बेफिक्रे थे। क्या मन मौजी बेफिक्रे थे। मौत पे अपने हंसते थे। दिल में वतन को रखने वाले सर पे कफ़न भी रखते थे। हम जो तिरंगा लहराएंगे हिचकी बनके याद आएंगे वो मिट्टी के बेटे जो वापस ना लौटे जो वापस ना लौटे वो मिट्टी के बेटे इस मिट्टी की बेटी। मेरे लिए क्या ऑर्डर्स हैं? कमांडो। मुस्कुरा दो ना प्लीज। कुछ दर्द कभी सोते ही नहीं। वनवास खत्म होते ही नहीं। चौखट पे दिए जलते ही रहे। कुछ राम कभी लौटे ही नहीं। कुछ राम कभी लौटे ही नहीं। कुछ राम कभी रोते ही नहीं जिंदगी और मौत वाह गुरु जी दे हाथ है वाह गुरुजी पर भरोसा रख मेरे नाम का प्याला भर के बरसाों में पी लेना बाबा मैं तो रहा नहीं तू मेरी जवानी जी लेना लाडले जब सरहद जाएंगे हिचकी बनके याद आएंगे वो मिट्टी के बेटे जो वापस ना लौटे जो वापस ना लौटे वो मिट्टी के बेटे मिट्टी के बेटे इस मिट्टी के बेटे
