सुनीता ए सुनीता देख मैं और सारा चांडक परिवार थारो मायरो भरने आया ह आज मैं बहुत खुशी हो रही है निकिता को ब्याव मंडी है और वह भी अकोला में ही मैं और तारा काका , था सबने खुश देखकर आठ हमेशा खुश हुआ हां, राजू और संगीता भी मका साथ ही है शरद शीला थे दोनों चांडक परिवार का आधार स्तंभ हो मन और तारा काका ने था दो या पर बहुत-बहुत गर्व हुए कृष्ण शीतल प्रशांत और निधि यह सब शीला और शरद की परछाई है बृजेश और कीर्ति कभी भी शरद ने राजेश की कमी महसूस होने नहीं देवी वे दोनों ही शरद और शीला के साथ हमेशा खड़े रेवे सब परिवार हमेशा खुश रहो यही महाका तरफ से मंगल कामना है कथे लोग किसी बात की फिक्र मत करो म और काका हमेशा थाका साथ ही है आप सब पर देवी माता की कृपा हमेशा रेवला चल सुनीता अब मैं फिर से आएगा शादी को खूब आनंद उठाओ
