कुरुक्षेत्र में जब अर्जुन का मन डगमगाया था, कृष्ण ने मुस्काकर बस इतना समझाया था। कर्म कर अर्जुन, फल की चिंता छोड़ दे, जो तेरा धर्म है, उसी से नाता जोड़ ले। न हार का भय, न जीत का अभिमान रखना, हर कर्म में बस ईमान रखना। जब लक्ष्य पर दृष्टि और मन में विश्वास होगा, तब हर युद्ध भी जीवन का प्रकाश होगा। 🌿✨
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