जैसे ही बारिश की पहली बूंदें मिट्टी पर गिरीं, एक भीनी-भीनी खुशबू पूरे घर में फैल गई। आर्यन ने खिड़की खोली और शेरू को बाहर का नज़ारा दिखाया। गिरते हुए पानी को देखकर शेरू की पूंछ फिर से हिलने लगी। अब वह डर नहीं रहा था, बल्कि गिरती बूंदों को पकड़ने की कोशिश कर रहा था। उस दिन शेरू ने सीखा कि हर शोर डराने वाला नहीं होता, कुछ शोर खुशियाँ भी लाते हैं।