1971… दक्षिण एशिया की हवा में बारूद की गंध घुल चुकी थी। सीमा पर टैंक खड़े थे, आसमान में लड़ाकू विमान गश्त कर रहे थे… लेकिन असली लड़ाई अभी शुरू भी नहीं हुई थी। क्योंकि उस समय, दुश्मन की धरती के अंदर… एक ऐसा भारतीय जासूस मौजूद था जिसकी एक सूचना पूरे युद्ध की दिशा बदल सकती थी। पूर्वी पाकिस्तान, जो आज का बांग्लादेश है, वहाँ हालात तेजी से बिगड़ रहे थे। मार्च 1971 में पाकिस्तान की सेना ने ऑपरेशन सर्चलाइट शुरू किया। ढाका की सड़कों पर गोलियों की आवाज गूंजने लगी। लाखों लोग अपनी जान बचाकर भारत की सीमा की ओर भागने लगे।