एक छोटे से गाँव में आरव नाम का लड़का रहता था वह पढ़ाई में ठीक था, लेकिन आत्मविश्वास की बहुत कमी थी हर बार जब वह कुछ नया करने की कोशिश करता, लोग कहते “तू नहीं कर पाएगा, ये तेरे बस की बात नहीं धीरे-धीरे आरव भी यही मानने लगा उसने सपने देखना कम कर दिया लेकिन एक दिन उसने अपने पिता को कहते सुना— “हार वो नहीं होता जो गिरता है, हार वो होता है जो उठता नहीं यह बात उसके दिल में बैठ गई अगले दिन से उसने छोटे-छोटे लक्ष्य बनाने शुरू किए रोज़ थोड़ा पढ़ता, रोज़ थोड़ा बेहतर बनता लोग फिर भी हँसते रहे, लेकिन इस बार आरव रुका नहीं समय बीत गया। एक दिन वही लोग उसे मंच पर सम्मान लेते देख रहे थे जो कहते थे “नहीं होगा”, वही तालियाँ बजा रहे थे सीख: 👉 दुनिया तब तक शक करती है, जब तक तुम खुद पर भरोसा नहीं करते खुद पर भरोसा कर लिया, तो मंज़िल अपने आप करीब आ जाती है
