एक घना जंगल था, जहाँ रंग-बिरंगे बहुत सारे तोते मिलकर रहते थे। रोज़ हँसते, उड़ते और नाशपाती खाते। एक दिन एक चालाक शिकारी ने उन्हें देखा। उसने सोचा — “इतने सारे तोते एक साथ! अगर पकड़ लूं तो मालामाल हो जाऊं।” उसने जंगल के रास्ते में एक बड़ा जाल बिछाया और उसमें मीठी-मीठी नाशपाती फैला दी। फिर खुद एक पेड़ के पीछे छिप गया। थोड़ी देर में तोते आए। जैसे ही उन्होंने फल खाने की कोशिश की, अचानक शिकारी ने रस्सी खींची और सारे तोते जाल में फँस गए! शिकारी ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगा। सारे तोते डर गए। तभी एक छोटा बच्चा तोता बोला — “डरो मत! अगर हम सब साथ उड़ें तो ये जाल हमारा कुछ नहीं कर सकता!” सारे तोते एक साथ ज़ोर लगाकर उड़ने लगे। जाल उठ गया और शिकारी हैरान रह गया। तोते उड़ते-उड़ते जंगल के उस पार समुद्र किनारे पहुँचे। वहाँ एक कछुआ बैठा था। तोतों ने उससे मदद माँगी। कछुए ने धीरे-धीरे पूरा जाल काट दिया। और फिर… सारे तोते आज़ाद होकर आसमान में उड़ गए
