"एक गाँव का किसान रोज़ अपने भेदी (बकरी/भेड़) को जंगल में चराने ले जाता था। एक दिन वह भेदी को लेकर हरे-भरे जंगल में पहुँचा। चारों ओर पेड़ों की छाँव और घास का मैदान था।" सीन 2: भेदी घास चर रही है > "भेदी खुशी-खुशी घास चर रही थी, तभी जंगल के कुछ जानवर—खरगोश, हिरन और बंदर—पास आ गए।" सीन 3: जानवर और भेदी खेलते हैं > "वे सब मिलकर भेदी के चारों ओर घूमने लगे और खेलने लगे। किसान मुस्कुराकर उन्हें देखता रहा। जंगल के जानवर और भेदी दोस्त बन गए और साथ-साथ खेलते रहे। उस दिन किसान ने समझा कि जंगल सिर्फ डरावना नहीं, बल्कि दोस्ती और खुशी से भरा हुआ है।"
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