Govind prajapati

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@Govind Parjapat
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रे देख बावले ठाठ म्हारे, हम हवा में तीर ना मार्या करते, जो आँख दिखावे दुनिया ने, हम उसकी आँख उतार्या करते। या देशी बोली, देशी ठाठ, जमा कसूता बाणा सै, सारी दुनिया जाणै लाडले, यो हरियाणा से म्हारी बोली में लट्ठ बाजै, पर दिल में यारी बसती हैं , पर जो गद्दारी कर ज्यावे, फिर मौत भी उसपै हंसती हैं। काली गाड़ी, नम्बर भारी, रोड पै दहशत लावण की, औकात नहीं रै दुनिया की, म्हारे गाम में पैर टिकावण की। रे हम दादा-लाही बदमाश नहीं, पर आन पै बात जो आ ज्यागी, फेर म्हारी एक दहाड़ भी, थारे कालजे ने खा ज्यागी। ना कोर्ट-कचहरी जाणा हम्ने, हम मोके पै फैसला ठा ला स्या जो फालतू बोलै म्हारे ते, हम मिट्टी में उसने मिला दयासा। जालिम दुनिया, जालिम हम, पर माँ-बाबू के चेले सां, दुश्मन खातर काल बण ज्यां, यारियां में हम अकेले सां। रे न्यूए कोन्या 'बदमाश' कहंदी दुनिया, हमने नाम कमाया सै, खौफ का दूसरा नाम ही लाडले, म्हारा यो साया हैं। जै पंगा लेणा शेर तै, तो जिगरा लोहे का लाइये रे, पर जै बचना हो अपनी मौत तै, तो म्हारी गली ना आइये रे।

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