क्या आपको पता है इंडिया में एक करोड़ ग्रेजुएट बेरोजगार है। और बजट में क्या मिलता है सिर्फ होप यूथ के लिए बजट नहीं बेड जोक है। सरकार ने एटी फाइव थाउजेंड करोड़ स्कील डेवलपमेंट में लगाये । पर ट्रेनिंग सेंटरस, खाली पड़े है। वन थाउजेंड करोड़ स्टार्टप फंड लेकिन 90% यूथ को तो फॉर्फ भरना ही नही आता भाई फार्म सिखाये बिना फंड का क्या फायदा सरकार कहती है लोन लेके पढ़ लो पर भाई नौकरी कौन देगा। डिग्री मिलती है पर जौब के नाम पर रिजेक्सन मिलती है बेरोजगारी का मतलब सिर्फ स्कीम अनाउन्स करना नहीं होता हम वोट देने के लिए 18 के तो हो गये पर रोजगार के लिए बजट अभी भी बचपन का है। बजट में हेडलाइन्स बनती है यूथ इम्पावरमेंट पर रिजल्ट 0 कब तक आप इन्ही समस्याओ से जूझते रहोगे अपनी भी आवाज उठाओ, ये थी आवाज 2.0 जहाँ यूथ सिर्फ सुनता नही आवाज भी उठाता है। यदि आप भी कन्फ्यूजड हो इस बजट से तो कमेट मे जरूर बताना।
