Fish Audio
Fish Audio
Inicio
Descubrimiento

Productos

Estudio de Historias
Texto a voz
Clonación de voz
Efectos de Sonido
Separación de Audio
Conversión de voz a texto
Novedades
Tutoriales
Actualiza ahora
osho voice

osho voice

@Mohit
Usos0
Comparte0
Me gusta0
Guardado por0

प्रेम क्या है? क्या तुमने कभी सोचा है... कि जिसे तुम प्रेम कहते हो — वो प्रेम है... या भय? तुम कहते हो — मैं उससे प्रेम करता हूँ। लेकिन ज़रा रुको। ज़रा भीतर झाँको। क्या तुम उससे प्रेम करते हो... या तुम्हें उसकी ज़रूरत है? यह दोनों बहुत अलग बातें हैं। जब तुम्हें किसी की ज़रूरत होती है — तो तुम उसे एक वस्तु की तरह देखते हो। जैसे भूख लगती है तो रोटी चाहिए। जैसे अकेलापन लगता है तो कोई साथी चाहिए। यह प्रेम नहीं है। यह एक सौदा है। एक भावनात्मक व्यापार। असली प्रेम... बिना माँग के होता है। बिना शर्त के। बिना इस डर के — कि अगर यह चला गया तो मैं टूट जाऊँगा। मैंने देखा है — लोग प्रेम के नाम पर एक-दूसरे को जकड़ते हैं। कहते हैं — तुम मेरे हो। तुम कहीं नहीं जाओगे। तुम किसी और से बात नहीं करोगे। यह जलन है। यह असुरक्षा है। लेकिन इसे वो प्रेम का नाम दे देते हैं। प्रेम मुक्त करता है। और जो बाँधे — वो प्रेम नहीं... ego है। जब तुम किसी से सच में प्रेम करते हो — तो तुम चाहते हो कि वो खुश रहे। चाहे उसमें तुम्हारी भूमिका हो... या न हो। लेकिन जब ego होती है — तो तुम चाहते हो कि वो सिर्फ तुम्हारी वजह से खुश रहे। तुम्हारी अनुमति से खुश रहे। यह possession है। यह ownership है। इसे प्रेम मत कहो। एक माँ को देखो। जब वो अपने बच्चे को पहली बार चलना सिखाती है — क्या वो उसे पकड़े रहती है? नहीं। वो छोड़ती है। वो गिरने देती है। क्योंकि असली प्रेम — उसे खड़ा होना सिखाता है। गोद में बंद नहीं रखता। यही असली प्रेम है। अब मैं तुमसे एक और बात पूछना चाहता हूँ। जब कोई रिश्ता टूटता है — तुम इतना दर्द क्यों महसूस करते हो? तुम कहते हो — उसने मुझे तोड़ दिया। उसने धोखा दिया। उसने मेरा दिल दुखाया। लेकिन सच यह है — दर्द उसने नहीं दिया। दर्द दिया तुम्हारी expectations ने। दर्द दिया तुम्हारी उस image ने — जो तुमने उस इंसान पर थोप दी थी। तुमने एक सपना बुना था। कि यह इंसान ऐसा होगा। यह मुझसे ऐसे बात करेगा। यह मुझे इतना समय देगा। और जब वो सपना टूटा — तुम टूट गए। लेकिन ज़रा सोचो — तुम उस इंसान से प्रेम कर रहे थे... या अपने सपने से? तुम किसी से प्रेम नहीं करते। तुम अपनी कल्पना से प्रेम करते हो। और दूसरे को उस कल्पना में fit करने की कोशिश करते हो। जब वो fit नहीं होता — तुम कहते हो — तुमने मुझे धोखा दिया। नहीं। उसने धोखा नहीं दिया। वो बस वो था — जो वो था। तुमने उसे वो बनाने की कोशिश की — जो तुम चाहते थे। अब एक और प्रश्न। क्या प्रेम हमेशा के लिए होता है? लोग यह गारंटी चाहते हैं। वो कहते हैं — promise करो कि कभी नहीं जाओगे। वो contract चाहते हैं। लेकिन जीवन में कुछ भी permanent नहीं है। न रिश्ते। न इंसान। न यह पल। और जो इसे नहीं स्वीकारता — वो रिश्ते में जीता नहीं। वो बस उसे जकड़े रहता है। प्रेम एक पल में पूरा होता है। उसे हमेशा के लिए बाँधने की कोशिश मत करो। फूल को कभी ज़बरदस्ती नहीं खिला सकते। और खिले हुए फूल को हमेशा नहीं रख सकते। अगर तुम सच में किसी से प्रेम करते हो — तो उसे आज़ाद करो। अगर वो तुम्हारे पास रहे — तो यह प्रेम है। अगर चला जाए — तो वो कभी तुम्हारा था ही नहीं। अब मैं तुमसे सबसे ज़रूरी बात कहना चाहता हूँ। दूसरे से प्रेम करने से पहले — खुद से प्रेम करना सीखो। लेकिन तुम्हें यह सिखाया ही नहीं गया। तुम्हें बताया गया — खुद को पहले रखना स्वार्थ है। दूसरों के लिए जियो। अपनी खुशी बाद में। और तुम ऐसे इंसान बन गए — जो खुद से प्रेम नहीं करते। जो खुद को पर्याप्त नहीं समझते। जो हर रिश्ते में यह ढूँढते हैं — कोई आए और मुझे पूरा करे। लेकिन सुनो — तुम अधूरे नहीं हो। तुम्हें किसी की ज़रूरत नहीं है पूरा होने के लिए। जो खुद पूरा है — वही दूसरे को प्रेम दे सकता है। जो खुद खाली है — वो दूसरे से माँगेगा। देगा नहीं। जब तुम खुद से प्रेम करते हो — तुम्हें किसी की approval की ज़रूरत नहीं रहती। तुम्हें डर नहीं लगता। तुम्हें यह नहीं सोचना पड़ता — अगर यह चला गया तो मैं क्या करूँगा। क्योंकि तुम खुद अपने साथ हो। तो असली प्रेम क्या है? असली प्रेम एक ध्यान है। उसमें तुम दूसरे को judge नहीं करते। उसमें तुम दूसरे को fix नहीं करते। उसमें तुम दूसरे को बदलने की कोशिश नहीं करते। तुम बस उसे स्वीकार करते हो। जैसा वो है। उसकी कमियों के साथ। उसकी चुप्पी के साथ। उसके अंधेरे के साथ। प्रेम दो अकेले लोगों का मिलन है। दो ऐसे लोग — जो अपने एकांत में पूरे हैं। और जब वो मिलते हैं — तो कुछ और ही घटता है। कुछ बहुत सुंदर। तो आज से — यह मत पूछो — क्या वो मुझसे प्रेम करता है। यह पूछो — क्या मैं प्रेम करना जानता हूँ। अकेलापन महसूस हो — तो घबराओ मत। अकेलापन एक तोहफा है। यह तुम्हें खुद से मिलवाता है। और जो खुद से मिल जाता है — वो कभी अकेला नहीं होता। प्रेम करो। लेकिन डर से नहीं। ज़रूरत से नहीं। प्रेम तुम्हारी प्रकृति है। तुम्हें इसे बाहर ढूँढने की ज़रूरत नहीं। बस अपने भीतर झाँको। वो वहीं है। हमेशा से।

hi flagHIMasculinoAntiguoNarraciónEducativoEntretenimientoProfundoTranquiloMedidoSerioAutoritarioSuaveCálidoBorrarExpresivoNarración
Público
hace 8 días
Utilizar la voz
Aún no hay muestras de audio

Explorar modelos relacionados

Vo
Voix homme 2
Ab
Abrar voice
El
El dolor de amar sin ser amado
Al
Ale
Po
Poeta
Es
Esther Perel
Fu
Future
So
Sonam
Lo
Loved Son
Os
Osho
ka
kashif
Th
The one who loves you