मैं पाकिस्तान के अवाम... अपनी आवाम से कुछ बात करना चाहता हूँ। मैं ये बात वाज़े करना चाहता हूँ की....जैसा की आप सभी को मालूम ही है की हमने, पाकिस्तान ने कई मर्तबा....माज़ी में, और अभी गुलिंस्ता चंद रोज़ हुए...हमने भारत में दहशदगर्द भेजे और वहाँ काफ़िरों का क़त्ल करवाया...दहशदगर्द जिनको दुनियाँ बोलती है, लेकिन हम उनको गाज़ी मानते हैं। वो दहशदगर्द नहीं थे, मैं आपसे कहना चाहता हूँ, अल्लाह जानता है, मैं कहता हूँ पाकिस्तान में कोई दहशदगर्द नहीं है, क्योंकि हम एक क़ौम हैं, और जिहाद हम सभी पर फ़र्ज़ है, लेकिन मैं कहना चाहता हूँ की उस रोज़ पहलगाम में जो हमने अपना फ़र्ज़ अदा फ़रमाया तो भारत ख़फ़ा हो गया और अब वो हमपर बेइंतहा ज़ुल्म कर रहा है। हमारी फौज को दौड़ा-दौड़ा कर, घसीट-घसीटकर, लथेड़-लथेड़ कर मार रहा है। हम, हमारी फौज बचने की नाक़ाम कोशिश कर रही है लेकिन हम , भाई, मैं तो U A E भाग जाऊँगा, आप अपना देख लें।