जमाने की तरह हम भी तोड़े हैं गए ऐसे तन्हा तो ना थे तनहा छोड़े हैं गए तन्हा छोड़े हैं गए ना दिल से वो यादें जाए ना रातों को नींदे आए आते हैं फिर ख्वाब क्यों आते हैं क्यों ख्वाब जो थी तेरे इश्क में डूबी उन आंखों में तुम ले आए आंसू बेहिसब क्यों आंसू बेहिसब खैर है यारों कम से कम जान से जा ना पाए हम खैर है यारों कम से कम जान से जा ना पाए हम इनकार के बहाने कई बार करते करते हमने वही लगाया दिल जहां दिल लगाना मना था आखिर वही किए सजदे जहां सर झुकाना मना था। यूं जिंदगी बिता दी जहां पे एक पल बिताना मना था। यूं उस गली में रहते थे हम जहां रोज जाना मना था। जमाने की तरह हम भी तोड़े हैं गए। ऐसे तन्हा को ना थे। तन्हा छोड़े हैं गए। जो दुआएं देते थे हम उसी के होठों से जैसे वैसे उसकी हमसे बोले गए बैठूं किसी रोज तनहाई में रखूं सामने वक्त के आईने जो आएगा चेहरा नजर वो कहीं तुम्हें बेवफा कह के हंसना पड़े तुझे दिल दिया इस्तेमाल हुए है तुझ में भी दिल ये ख्याल रहे तुझे दिल दिया इस्तेमाल हुए है तुझ में भी दिल ये ख्याल रहे हमने जलाया दिल जहां दिए भी जलाना मना था कर बैठे याद वो चेहरा जिसको भुलाना मना था हमने गए आसमा था हमने वही लगाए थे जहां दिल लगाना था जमाने की तरह हम भी तोड़े हैं गए जैसे तन्हा तो थे तन्हा छोड़े है गए जो तुम आए बैठे थे हम उसी के होठों से ऐसे भी हमसे बोले हैं
