गांव में एक बूढ़े दादाजी रहते थे। लेकिन उनके साथ एक अजीब डरावनी बात होती थी। वह जिस चीज़ को हाथ लगाते… वह पत्थर जैसी सख्त होकर टूट जाती। 😨 एक दिन उन्होंने पानी का गिलास उठाया। जैसे ही हाथ लगाया, पूरा गिलास पत्थर बन गया और नीचे गिरकर चकनाचूर हो गया। उन्होंने सहारे के लिए कुर्सी पकड़ी… लेकिन वह भी पत्थर बनकर टूट गई। दादाजी घबरा गए। उन्होंने खेत में जाकर फसल को छुआ, मगर वहां भी वही हुआ। हरी-भरी बालियां सूखकर पत्थर जैसी कठोर हो गईं। धीरे-धीरे पूरे गांव में डर फैल गया। लोग उन्हें अपशकुन मानने लगे। कोई उन्हें अपने घर के पास भी नहीं आने देता था। एक दिन गांव का मुखिया गुस्से में चिल्लाया— “इस बूढ़े को गांव से बाहर निकाल दो… यह मनहूस है!” सबसे बड़ा दुख तब हुआ जब उनके अपने बेटे ने भी दरवाज़ा बंद करते हुए कहा— “पिताजी… अब आप हमारे लिए परेशानी बन चुके हो।” यह सुनते ही दादाजी की आंखों से आंसू निकल पड़े। 💔 उन्होंने कुछ नहीं कहा… और चुपचाप गांव छोड़कर जंगल की तरफ चले गए। घंटों तक भटकने के बाद वह एक पुराने पेड़ के नीचे बैठ गए और रोने लगे। तभी पीछे से किसी की आवाज आई— “जिस चीज़ को दुनिया श्राप समझती है… कई बार वही सबसे बड़ा वरदान होती है।” दादाजी ने पलटकर देखा। सामने एक साधु बाबा खड़े मुस्कुरा रहे थे। ✨ बाबा बोले— “आज तक तुमने डर के साथ चीज़ों को छुआ… इसलिए सब टूटता गया। अब किसी की मदद करने के इरादे से हाथ बढ़ाओ।” इतना कहकर बाबा ने दादाजी के हाथ पर अपना हाथ रखा… और अगले ही पल अचानक गायब हो गए। दादाजी घबरा कर खड़े हुए। तभी उनकी नज़र पास पड़े एक घायल हिरण पर गई। वह डरते-डरते उसके करीब पहुंचे। कांपते हुए हाथ से हिरण को छुआ… लेकिन इस बार कुछ अलग हुआ। ✨ हिरण पत्थर नहीं बना। उसके शरीर से हल्की चमक निकली… और वह पूरी तरह ठीक होकर जंगल में दौड़ गया। दादाजी हैरान रह गए। अब उन्हें अपनी शक्ति का सच समझ आ चुका था। वह तुरंत गांव की तरफ लौट पड़े। रास्ते में उन्हें एक गरीब आदमी का टूटा हुआ घर दिखाई दिया। दादाजी ने दीवार को हाथ लगाया… और देखते ही देखते कमजोर दीवार पत्थर जैसी मजबूत बन गई। फिर उन्होंने सूखे खेत को छुआ… और वहां हरी-भरी फसल लहलहाने लगी। 🌾 धीरे-धीरे दादाजी गांव के हर गरीब और जरूरतमंद इंसान की मदद करने लगे। जिस गांव ने कभी उन्हें मनहूस कहा था… आज वही लोग उनके पीछे सम्मान से चलने लगे। दादाजी ने एक-एक करके सबकी जिंदगी बदल दी। ✨ लेकिन अगले दिन… वह अकेले बैठकर फिर रो रहे थे। क्योंकि इतना अच्छा काम करने के बाद भी… किसी ने उनका वीडियो लाइक और सब्सक्राइब नहीं किया था।