एक छोटे से गाँव में आरव नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत शरारती था और पेड़ों से फल तोड़कर बर्बाद कर देता था। एक दिन वह आम के पेड़ पर चढ़ा और बहुत सारे आम तोड़कर नीचे फेंकने लगा। पास में खड़े बूढ़े माली ने उसे देखा और बोला, “बेटा, जब तुम बड़े हो जाओगे और थकान महसूस करोगे, तो इन्हीं पेड़ों की छाँव तुम्हें सुकून देगी। इन्हें बर्बाद मत करो।” आरव ने उस दिन माली की बात का मज़ाक उड़ा दिया, लेकिन कुछ सालों बाद जब वह बड़ा हुआ, गाँव लौटा तो देखा—वही पेड़ अब फल नहीं दे रहा था, सूख चुका था। उसे बहुत पछतावा हुआ। वह पेड़ के पास बैठ गया और बोला, “काश! मैंने उस दिन माली की बात मानी होती।” तभी एक ठंडी हवा चली, जैसे पेड़ अब भी उसे माफ़ कर रहा हो।
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3ヶ月前
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