फिल्म की शुरुआत एक घर से होती ह ै जहाँ पति-पत्नी के बीच झगड़ा हो रहा है। उसी दौरान बाहर तेज़ बारिश हो रही होती है और CCTV कैमरा उनकी हर हरकत रिकॉर्ड कर रहा होता पड़ोस का एक आदमी घर के पास से गुजरते हुए कैमरे में कैद होता है। उसकी नज़रें संदिग्ध लगती हैं। अचानक घर के अंदर एक हादसा होता है और पत्नी रहस्यमय तरीके से गायब हो जाती है। पुलिस जांच शुरू करती है और CCTV फुटेज निकालती है। कैमरे में दिखाई देता है कि कोई अनजान शख्स रात में घर के अंदर घुसता पति पर शक किया जाता है लेकिन CCTV फुटेज धीरे-धीरे पूरी सच्चाई खोलता है। असली अपराधी वही पड़ोसी निकलता है जो शुरुआत में कैमरे में दिखा था। पुलिस उस े पकड़ लेती है और केस सॉल्व हो जाता फिल्म का अंत इस संदेश के साथ होता है कि "सच्चाई चाह े कितनी भी छुपी हो, CCTV कैमरा उस े सामन े ला ही देता है।"
