--- — “शराब का जाल: छत्तीसगढ़ का डूबता भविष्य 📽️ **\[Screen Text: “जब किताबें छीन ली जाती हैं... और बोतलें पकड़ाई जाती हैं... तब समाज किस ओर जाता है "एक बच्चा सुबह स्कूल नहीं जा रहा है… क्योंकि उसका स्कूल बंद हो चुका है। उसी बच्चे के गाँव में एक दुकान ज़रूर खुली है – **शराब की दुकान।** आप सोचिए... ये कैसा मॉडल है? जहाँ शिक्षा सस्ती होनी चाहिए – वो मिल नहीं रही। पर नशा, जिसे रोकना चाहिए – वो अब खुद सरकार बेच रही है। ये कोई स्क्रिप्टेड कहानी नहीं है दोस्तों, **ये हकीकत है – छत्तीसगढ़ की।**" कभी आपने सोचा है… जब एक राज्य में स्कूल बंद हो रहे हों और शराब की दुकानें खुल रही हों… तो क्या वह राज्य विकास कर रहा है या विनाश की ओर बढ़ रहा है? "छत्तीसगढ़ पहले भी गरीब राज्यों में गिना जाता था, पर अब शराब ने इस गरीबी को और गहरा कर दिया है।" "जब कमाने वाला व्यक्ति शराब पर पूरा वेतन खर्च कर देता है, तो परिवार के लिए राशन, दवा और शिक्षा तक का इंतज़ाम मुश्किल हो जाता है।" क्या आपने कभी ऐसा सपना देखा है, जिसमें बच्चे किताबें छोड़कर बोतलें पकड़ लें? जिसमें स्कूल के मैदान सूने हो जाएँ और गली के कोने में खुलती जाए शराब की दुकानें?" "छत्तीसगढ़… एक ऐसा राज्य, जिसकी माटी में लोककला, संस्कृति और मेहनत की खुशबू थी… आज वही राज्य सुर्खियों में है, लेकिन शिक्षा, विज्ञान या तकनीक के लिए नहीं… बल्कि शराब की दुकानों के रिकॉर्ड बनाने के लिए।" "2025 की सरकारी नीति कहती है – और 67 नई शराब दुकानें खोलो। और ठीक उसी वक़्त, दूसरी नीति कहती है – 4000 स्कूलों को बंद करो। क्या यह महज इत्तेफाक है… या एक गहरी साज़िश?" क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का 9वां और जनसंख्या की दृष्टि से 16 वां बड़ा राज्य है। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ खेल पढ़ाई गरीबी स्वास्थ्य इतना पीछे है आप बता नि सकते इन चीजों में छत्तीसगढ़ आपको पूरे पूरे नीचे देखने को मिलेगे ना कोई युवा देश के अंतररातीय क्रिकेट टीम के लिए चयन हो पाया है ना कोई बड़े खेल के इवेंट जैसे कामनवेल्थ गेम्स आंप्लपिक तो दूर नेशनल खेलो में अच्छा प्रदर्शन नि कर पाता हर साल राज्य से कोई भी युवा यूपीएससी जैसे exam me bhi अन्य राज्य के अपेक्षा भी कम चयन % लाते है छत्तीसगढ़ में आप कोई भी बड़ा उद्योग देखोगे उसमें मात्र पूरे के पूरे आपको दूसरे राज्य के आए लोग आपको बड़े पोस्ट में दिखेंगे बड़े बड़े उद्योग के मालिक आपको परदेसिया देखने को मिलेगे ये सब की वजह है शराब आखिर छत्तीसगढ़ के लोग इतना शराब के प्रति मोहित होके सब चीज से दूर जा रहे है क्योंकि राज्य के लोगों के साथ खेला गया है एक रुपए में चावल फ्री नमक राशन दे रही सरकार कही ना कही से तो वापस पैसा लेगी तो इसका आसान रास्ता मिला शराब दारू छत्तीसगढ़ वैसे भी दारू पीने में नम्बर 1 था अब नए lequer शॉप खुलने से लगता है पूरे देश का शराब अकेले पिएगी ## 📚 **सेगमेंट 1: शिक्षा की तबाही** 📸 **\[वीडियो: वीरान स्कूल, धूलभरी ब्लैकबोर्ड, टूटी हुई बेंचें]** "2000 में जब छत्तीसगढ़ बना था, तो यहाँ के लोगों ने कहा था – 'हम अपने बच्चों को पढ़ाएंगे, आगे बढ़ाएंगे।' राज्य में *33 हज़ार से ज़्यादा स्कूल* थे। गाँव-गाँव में टीचर जाते थे। बच्चे नंगे पाँव, पर किताबें हाथ में होती थीं। **लेकिन आज…** 4000 स्कूल बंद कर दिए गए हैं। पढ़ाने वाले टीचर्स नहीं हैं। और जिन स्कूलों में बच्चे हैं, वहाँ पानी नहीं, बिजली नहीं, शौचालय नहीं। अब आप खुद सोचिए – जब शिक्षा ही बंद हो जाए… तो आगे क्या बचेगा?" छत्तीसगढ़… एक राज्य जो कभी अपनी सांस्कृतिक विरासत, शिक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता था… आज वहीं राज्य 67 नई शराब दुकानों की घोषणा कर रहा है, जबकि 4000 स्कूलों को बंद किया जा रहा है।" "यह सिर्फ एक सरकारी नीति नहीं है… यह एक सामाजिक संकट है। एक ऐसा संकट जो हमारे बच्चों के भविष्य, समाज की रीढ़ - शिक्षक वर्ग और सबसे कमजोर वर्ग की महिलाओं को अंदर से तोड़ रहा है।" "आईए… आज इस डॉक्यूमेंट्री में हम गहराई से जानेंगे कि शराब का यह फैलता जाल कैसे छत्तीसगढ़ को गर्त में ले जा रहा है।" ## 🥃 **सेगमेंट 2: शराब की सरकारी दुकानें – ‘राजस्व’ या ‘राजनैतिक जाल’?** "अब सवाल उठता है – जब स्कूल बंद हो रहे हैं, तो सरकार पैसे कहाँ खर्च कर रही है? **उत्तर है – शराब।** 2017 से छत्तीसगढ़ सरकार खुद शराब बेच रही है। **2023-24 में सरकार ने इससे कमाया – ₹6,300 करोड़।** 2025 तक लक्ष्य है – ₹12,000 करोड़। पर क्या आपने सोचा – ये पैसा कहाँ से आ रहा है? **गरीब की जेब से।** उस किसान से जिसने पूरी फसल बर्बाद होने के बावजूद दारू ली, उस मजदूर से जिसने मजदूरी से लौटकर आधी कमाई शराब में बहा दी।" छत्तीसगढ़… भारत का एक सुंदर राज्य, जहाँ जीवन प्रकृति के साथ बहता था। यहाँ के लोग मेहनती थे, जमीन से जुड़े हुए। शिक्षा को जीवन का आधार माना जाता था।" "साल 2000 के बाद राज्य निर्माण के साथ विकास की नई उम्मीदें जगीं। शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि में निवेश हुआ। गाँव-गाँव में स्कूल खुले, पंचायतें मजबूत हुईं और युवाओं को नए अवसर मिले।" "हमारे स्कूल में पहले 150 बच्चे पढ़ते थे, प्रतियोगिताओं में जाते थे, डॉक्टर-इंजीनियर बनते थे। आज वही स्कूल खाली पड़ा है।" 📊 **\[Graph: राज्य का शिक्षा बजट घटा, शराब से आमदनी बढ़ी]** --- ## 👩👧👧 **सेगमेंट 3: महिलाएं – सबसे बड़ी पीड़ित** 📸 **\[रोती हुई महिलाएं, घरेलू हिंसा की असल फुटेज, महिला निकेतनों के दृश्य]** **नीतीश:** "अब बात करते हैं उन लोगों की, जो इस नीति से सबसे ज्यादा पीड़ित हैं – **महिलाएं।** घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, और कभी-कभी... जान से मारने तक की नौबत। राज्य के महिला निकेतनों में हर 10 में से 6 महिला इसलिए पहुँची हैं – क्योंकि उनका पति शराबी है। एक महिला बताती है – 'पति पहले कभी हाथ नहीं उठाते थे… लेकिन जबसे रोज़ शराब पीने लगे हैं, हर दिन डर में जीती हूँ।' क्या सरकार को इसका अंदाज़ा है?" छत्तीसगढ़ में शराब का इतिहास उतना ही पुराना है जितनी यहाँ की संस्कृतियाँ। परंतु नियंत्रण हमेशा पंचायतों या स्थानीय संस्थाओं के पास रहा करता था।" "2017 में एक नया प्रयोग हुआ – 'सरकारी शराब दुकानों' का। तर्क दिया गया कि इससे अवैध शराब रुकेगी, राजस्व बढ़ेगा, और सरकार नियंत्रण में रखेगी।" "पर हुआ उल्टा। शराब की दुकानें हर गली-मोहल्ले में पहुंच गईं। 2025 में 67 नई दुकानों की घोषणा के बाद संख्या हो जाएगी 741।" "सरकार कहती है – सालाना 12 हजार करोड़ का राजस्व मिलेगा। पर क्या पैसा इंसानियत से बड़ा है?" (Clip - महिला कार्यकर्ता): "शराब से हमारा घर बर्बाद हो गया। पति सारा पैसा शराब में उड़ा देता है, बच्चों की फीस तक नहीं भर पाते।" --- --- ## 👦 **सेगमेंट 4: युवा और नशे का भविष्य** 📸 **\[वीडियो: युवा लड़के गली में शराब पीते हुए, कुछ नशे में गिरते हुए]** "छत्तीसगढ़ का बेरोजगारी दर है **13.5%** – देश के टॉप 5 बेरोजगार राज्यों में से एक। जब न पढ़ाई हो रही है, ना नौकरी मिल रही है… तो युवा कहाँ जा रहे हैं? **शराब की दुकानों पर।** आज सिर्फ 30 साल के नीचे के लड़कों में शराब की लत तेज़ी से बढ़ रही है। ये वो युवा हैं, जो भारत का भविष्य बनने वाले थे। पर उन्हें बोतलें मिल रही हैं, ब्रश या लैपटॉप नहीं।" 2025 की नीति कहती है - शराब को प्रीमियम ब्रांडिंग के साथ बेचा जाएगा, नई दुकानें खुलेंगी, और 'शराब के एक्सपीरियंस' को सुधारा जाएगा।" "अब सवाल यह है – क्या शराब कोई अनुभव है, जिसे प्रीमियम बनाकर बेचना चाहिए?" --- ## 🗳️ **सेगमेंट 5: शराब और राजनीति – एक ‘गुप्त समझौता’?** "कुछ लोग कहते हैं – 'शराब बेचना सरकार की मजबूरी है, राजस्व चाहिए।' पर क्या ये वही राजस्व है जो चुनावों से पहले **'मुफ्त में' बांटा जाता है?** जी हाँ, कई रिपोर्ट्स बताती हैं – चुनावों से पहले शराब की खपत अचानक बढ़ जाती है। यानि – शराब बिकेगी सरकार के नाम पर, पर इस्तेमाल होगा **राजनीति के लिए।** क्या यही है ‘जनता की सेवा’?" "दूसरी ओर राज्य सरकार ने तय किया – 4000 सरकारी स्कूलों को मर्ज किया जाएगा। 35000 शिक्षकों के पद खत्म होंगे। हेडमास्टर के पद भी समाप्त होंगे।" "छोटे गाँवों के स्कूल अब या तो पूरी तरह बंद होंगे, या बच्चों को 5-6 किलोमीटर दूर भेजा जाएगा। ऐसे में क्या हर बच्चा स्कूल जा पाएगा?" --- ## 🌱 **सेगमेंट 6: समाधान क्या है?** 📸 **\[बिहार का शराबबंदी मॉडल, केरल की डिहड्डिक्शन क्लिनिक, महिलाओं के आंदोलन]** "अब सवाल ये है – क्या शराब पर पूरी तरह पाबंदी लगाई जा सकती है? **उत्तर है – हाँ।** * बिहार ने पूरी शराबबंदी लागू की है। * केरल ने शराब की खपत घटाने के लिए ‘डिहड्डिक्शन क्लिनिक’ खोले हैं। * गुजरात में शराबबंदी कानून लागू है। और सबसे ज़रूरी – **महिलाओं के नेतृत्व में आंदोलन।** छत्तीसगढ़ में भी कई गाँवों ने खुद से शराबबंदी लागू कर दी है। कोई दुकान नहीं, कोई शराबी नहीं। साफ़ गाँव, खुशहाल परिवार।" --- ## 🙌 **सेगमेंट 7: अब जनता की बारी है** "अब फैसला आपके हाथ में है। आप चाहते हैं कि आपका बच्चा स्कूल जाए, या रोज़ पिता के नशे को झेले? आप चाहते हैं कि गाँव में विकास हो, या हर गली में शराब की दुकान? अगर जवाब है – **शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वाभिमान**... तो फिर सवाल उठाइए। **शराब नीति को चुनौती दीजिए। सरकार से जवाब माँगिए।**" --- ### 📢 **कॉल टू एक्शन (End)** "अगर ये वीडियो आपको सोचने पर मजबूर कर रहा है – तो इसे सिर्फ देखकर मत जाइए। * इसे शेयर कीजिए * कमेंट में अपनी राय दीजिए * और लिखिए: #शिक्षा\_बचाओ #शराब\_हटाओ मिलते हैं अगले वीडियो में, जहाँ फिर से हम बात करेंगे एक सच्चे मुद्दे की – जो जुड़ा है, **आपके और मेरे भविष्य से।** मैं हूँ **अमित कुमार** सोचिए… समझिए… और बदलाव लाइए।" “छत्तीसगढ़ को बचाना है – शराब नहीं, शिक्षा चाहिए”]**
