लड़कों के हाथों के छाले बताते हैं कि ज़िम्मेदारियों का बोझ कितना भारी है, पर वो फिर भी मुस्कुराता है क्योंकि परिवार की ख़ुशी उसकी पहली ख्वाहिश है। वो अपने दर्द को कमरे के कोने में छुपा देता है, और सुबह होते ही नए होशले के साथ काम पर निकल जाता है। छलों में उसकी कामयाबी और उसके टूटे हुए सपनों की एक खामोश दास्तान छुपी होती है, जिसे दुनिया सिर्फ कामयाब के रूप में देखती है।