ये बात पिछले साल जुलाई की है। कोचिंग में मेरी एक लड़की से पहचान हुई। शुरू में बस बातें होती थीं, फिर रोज़ की हो गईं। शाम को साथ घूमने लगे, हँसी-मज़ाक, सब अच्छा चल रहा था। धीरे-धीरे मैं उसे पसंद करने लगा। लेकिन मैंने कुछ कहा नहीं। क्योंकि मेरा रेलवे का एग्ज़ाम आने वाला था। सोचा, पहले एग्ज़ाम निकल जाए, फिर सही समय पर उसे बता दूँगा कि मैं क्या महसूस करता हूँ। इसी बीच मैंने उसे अपने बेस्ट फ्रेंड से मिलवाया। शुरू में हम तीनों साथ घूमते थे। कुछ समय बाद मुझे महसूस होने लगा कि वो दोनों ज़्यादा क्लोज़ हो रहे हैं। कई बार ऐसा हुआ कि वो मुझे छोड़कर दोनों साथ घूमने चले जाते थे। धीरे-धीरे वो लड़की मुझसे कम बात करने लगी। और फिर दोनों मुझे इग्नोर करने लगे। सच कहूँ तो मुझे बहुत बुरा लगा। मैंने कुछ कहा नहीं, बस चुप रहा। और धीरे-धीरे मैं खुद ही उस लड़की से दूर होता चला गया।
