कर दो थे इश्यू को पाला है कि इष्ट गोपाला है जिसको छुआ था इसने को चला है एक दिल से होता है शुरू एक दिल से होता शुरू पर कमबख्त सर पर चढ़ा है तभी गुस्से कभी खुदा से कभी जमाने से लड़ा है इतना हुआ बदनाम फिर भी हर जुबां पर खड़ा है कि चलें इश्क पे अभिषेक है जो इश्क की बाजिया पाइल झालावाड़ शहद खैर दो-तीन दिनों डुब झाल कि तुम क्यों तूने मेरी पुत्र शक्तिपीठ में इतनी हद तक टी इशक में इतनी बरकत कि यह तूने क्या किया आइस फिर लूंगा तुम्हारा हमारा मैं चांद से पिछड़ा तारा हुए दिल से इतना क्यों आ रहा मैं यह तूने क्या किया हुआ था सारी दुनिया चर्चित हुए दिया उधर तेरे आगे ही महाराणा कि हुआ था तूने क्या अखर निखिल का राहत कहता हूं यह शपथ लेता हूं तेरा ही नाम लेता हूं यह तूने क्या किया हुआ था अ कि लुट प्रॉब्लम गरीबों को तेरी धातुओं की जो आते नागिन थी जी लेता हूं अब मैं थोड़ा मेरे दिल की रे तु के हाथों की जो पड़े बधाई तेरी पी लेता हूं तब मैं थोड़ा जाने कौन है तू मेरी बना जानू जय मां जहां जाऊं मैं करूं मैं तेरा मुझे पूरा अच्छी लगती है चीन युध्द बुरी लगती है तबीयत काली लगती है यह तूने क्या खिला मैं का श्राद्ध कहता क्वेश्चसं पूछ सांस लेता हूं तेरा ही नाम लेता हूं यह तूने क्या किया दिल करता है तेरी बातें सुनो सोते समय दूर एक्चुअली आगे उपादेयता टॉप क्यों खुद को मैं वर्मा करूं पन्नों के झट से मिलूं इश्क का दबदबा कायम दाणा अच्छी तरह रोते चौगुनी घृत अगर मैं भी आगे बढ़ गया हूं ओके थोड़ा पेसिफिक रंग और तो किससे मर्जी धूप की तपिश तो अवधि तू हंसता अब थोड़ा अवधि हूं यह तूने क्या किया आइल धीरे मैं इश्क
