Ashu

Ashu

@Nanu Shrivas
1الاستخدامات
0المشاركات
0الإعجابات
0تم الحفظ بواسطة

एक बार एक शिष्य अपने गुरु के पास बहुत दुखी होकर आया। उसने कहा, "गुरुजी, मेरा जीवन दुखों से भरा हुआ है, मैं क्या करूं?" गुरु मुस्कराए और बोले, "एक गिलास पानी में एक मुट्ठी नमक डालो और पी लो।" शिष्य ने वैसा ही किया — जैसे ही उसने पानी पिया, उसका मुंह बिगड़ गया। गुरु ने पूछा, "कैसा लगा?" शिष्य बोला, "बहुत ही कड़वा, पी नहीं पाया।" गुरु ने फिर उसे एक मुट्ठी नमक और दिया और बोले, "अब इसे पास के झील में डाल दो और उसका पानी पीकर आओ।" शिष्य झील में नमक डालकर आया और पानी पिया। गुरु ने फिर पूछा, "अब कैसा लगा?" शिष्य बोला, "बहुत मीठा और ताज़ा था!"

ur
عام
استخدم الصوت
عينات
لا توجد عينات صوتية بعد