मुंबई इंडियंस को आईपीएल की सबसे सफल टीमों में से एक माना जाता है। जब भी बात आती है कि मुंबई को इतना महान (GOAT) किसने बनाया, तो अक्सर रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, लसिथ मलिंगा, सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन जैसे दिग्गजों के नाम लिए जाते हैं। लेकिन एक ऐसा भी खिलाड़ी का जिक्र है जिसके बिना शायद मुंबई इंडियंस आज इस मुकाम पर नहीं होती। संकटमोचन: जब सब हार मान लेते थे... इस खिलाड़ी की खासियत यह थी कि जब बड़े-बड़े क्रिकेटिंग लेजेंड्स हार मान लेते थे, तब यह मैदान पर उतरता था और कहता था— "" (मैं हूँ ना, चिंता मत करो)। बेहतरीन ऑलराउंडर क्षमताएं इस खिलाड़ी की एक अनोखी क्वालिटी उन्हें सबसे अलग बनाती थी। वे जितनी शानदार (गेंदबाजी) करते थे, उससे कहीं ज्यादा असरदार उनकी बैटिंग थी। उनके आईपीएल करियर * मैच: 189 * रन: लगभग 3,500 * स्ट्राइक रेट: 150+ अपनी गेंदबाजी के कारण उन्हें 'द गोल्डन आर्म' भी कहा जाता था, क्योंकि जब भी पार्टनरशिप तोड़ने की जरूरत होती, कप्तान उन्हीं को याद करते थे। मुंबई इंडियंस में ही एक और लेजेंडरी ऑलराउंडर के आने के बाद, उनके साये में छिप गए। क्या आप बता सकते हैं कि यह खिलाड़ी कौन है? Comment karke batao
