🌟 कहानी: “विश्वास का दीपक” एक छोटे से गाँव में अर्जुन नाम का एक साधारण लड़का रहता था। उसके पास ना ज्यादा पैसा था, ना कोई खास पहचान… लेकिन उसके अंदर एक चीज़ बहुत खास थी — अटूट विश्वास। गाँव के लोग अक्सर उसका मज़ाक उड़ाते थे। “बड़े सपने मत देखो अर्जुन… हमारी किस्मत में इतना ही लिखा है,” वे कहते। लेकिन अर्जुन हर रात आसमान की तरफ देखता और सोचता — "अगर सितारे अंधेरे में चमक सकते हैं, तो मैं क्यों नहीं?" एक दिन गाँव में एक बूढ़ा साधु आया। उसने अर्जुन की आँखों में चमक देखी और उसे एक छोटा सा दीपक दिया। साधु ने कहा, “यह साधारण दीपक नहीं है। यह तुम्हारे विश्वास से जलेगा… और तुम्हारे डर से बुझ जाएगा।” अर्जुन ने दीपक जलाया। जब भी वह अपने सपनों पर यकीन करता, दीपक की लौ तेज हो जाती। लेकिन जब वह लोगों की बातों से डर जाता, लौ कमजोर पड़ जाती। धीरे-धीरे अर्जुन समझ गया — दीपक
