एक दादाजी के पास एक पुराना-सा तवा था। रोज़ की तरह दादाजी उस पर हलवा बनाते थे, लेकिन हलवा बहुत कम बन पाता था।एक दिन दादाजी ने बाज़ार से एक चमकदार तेल लाकर तवे पर लगाया।और अचानक तवे ने अपने आप उबलना शुरू किया और ढेर सारा हलवा बनने लगा कुछ ही समय में दादाजी हलवा बेचकर अमीर हो गए।लेकिन फिर दिक्कत शुरू हुई तवा रुक ही नहीं रहा था!पूरा घर पूरा आंगन पूरा गांव हलवे से भर गया।गाँव वाले फिसल-फिसलकर भाग रहे थे और हँसी रोक नहीं पा रहे थे।परेशान दादाजी ने तवे पर हलवा की रोकने वाला पाउडर डाला और तवा शांत हो गया।लेकिन बेचारे दादाजी रोने लगे और बोले अरे हलवा बनाने तो लगा पर तुमने लाइक और सब्सक्राइब नहीं किया!”
enMale
Público
há 2 meses
Amostras
Ainda não há amostras de áudio
