गाँव हमारा, सपनों की ज़मीन, रेखा चौहान लाई नई तसवीर। हर गली में गूँजता है नाम, विकास की रौशनी, गाँव की शान। खाईखेड़ा बोले, सुमालखेड़ी गाए, सीसी रोड से सपने सजाए। तालाब चमके, स्कूल सवरे, अस्पताल बने, हालात सुधरे। कच्ची गली से पक्की सड़क तक, मेहनत की रोशनी हर नक़्शे तक। जनता की उम्मीद, जनता का प्यार, रेखा चौहान – बदलाव की मिसाल। जो ठान लिया है, वो कर दिखाएँगे, गाँव की तस्वीर बदलते जाएँगे। बच्चों के सपनों को पंख मिले, श्रम से ही गाँव को रंग मिले। शिक्षा, स्वास्थ्य, हर द्वार खुले, अब गाँव के सपने हक़ीक़त बने। हर दिल से उठे बस एक पुकार, रेखा चौहान – जनता की सरकार।
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